दादू दादू
बार-बार ऐसी बातें सुन, उसने चुप्पी साध ली और दुनिया को दिखाने के लिए अपने चेहरे पर खुशी बार-बार ऐसी बातें सुन, उसने चुप्पी साध ली और दुनिया को दिखाने के लिए अपने चेहरे ...
चाहे पीछे आने वाला उसका भाई ही क्यूँ न हो। चाहे पीछे आने वाला उसका भाई ही क्यूँ न हो।
बार बार भय नये सवाल के रूप में सामने आकर उसे ओर ज्यादा भयभीत कर रहा था। बार बार भय नये सवाल के रूप में सामने आकर उसे ओर ज्यादा भयभीत कर रहा था।
वो कभी किसी को बता ही नहीं पाई कि सारी सुख- सुविधाएँ तथा सम्पन्नता होने के बाद भी मन का वो कभी किसी को बता ही नहीं पाई कि सारी सुख- सुविधाएँ तथा सम्पन्नता होने के बाद भ...
पता नहीं मैंने मदद उसकी की या अपनी। मन को अजीब सा सुकून मिला उसे खाना दिलाकर।" पता नहीं मैंने मदद उसकी की या अपनी। मन को अजीब सा सुकून मिला उसे खाना दिलाकर।"